कलेक्टर की पढ़ाई में कितना पैसा लगता है: जिला कलेक्टर बनने के लिए कितने खर्चा होते है जानिए

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कलेक्टर की पढ़ाई में कितना पैसा लगता है

आज मैं आपको इस लेख में कलेक्टर की पढ़ाई में कितना पैसा लगता है इसके बारे में बताने वाला हूँ। 

भारतीय प्रशासनिक सेवा में जिला दंडाधिकारी या पदाधिकारी का एक प्रमुख प्रशासन पद माना जाता है। 

जिसे हम कलेक्टर, ड्यूटी कलेक्टर या जिला कलेक्टर के नाम से जानते हैं।

इसका मुख्य कार्य पुलिस के कार्यों को नियंत्रित करना, जिला मजिस्ट्रेट की देखभाल करना साथ ही आयकर बकाया, उत्पाद शुल्क, 

और सिंचाई बकाया कलेक्ट करना एक कलेक्टर के ऊपर एक राज्य की उत्तरदायित्व होता है।

कलेक्टर की पढ़ाई में कितना पैसा लगता है (Collector Banne Ke Liye Kitna Paisa Lagta Hai)

कलेक्टर की पढ़ाई में न्यूनतम लगभग 10,000 से लेकर के  लगभग 20,000 तक का खर्च हो सकता है। इसके अलावा दिल्ली में खाने और रहने का अलग से फीस देना होता है इन सभी में लगभग 10,000 महीने का फीस लग सकता है।

UPSC के द्वारा आयोजित परीक्षा में मान्यता प्राप्त करने के पश्चात उम्मीदवार IAS, IPS, IFS और IRS आदि पदों के लिए चयनित किए जाते हैं जिसमें लंबे समय तक कार्यकाल के पश्चात प्रमोशन किए जाते हैं।

दिल्ली में जाकर के कलेक्टर कि तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए निम्नलिखित कोचिंग सेंटर होते हैं जैसे-

  • एकलव्य कोचिंग संस्थान
  • बाजीराव कोचिंग संस्थान
  • दृष्टि कोचिंग संस्थान
  • आदि….

कलेक्टर बनने के लिए योग्यता

कलेक्टर बनने के लिए निम्नलिखित पात्रता चाहिए:–

  • आवेदक के पास स्नातक की डिग्री होना चाहिए।
  • आवेदक की आयु 21 वर्ष या इससे अधिक होना चाहिए।
  • आवेदक के पास मूल निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।

IAS और कलेक्टर मे क्या अंतर है?

यूपीएससी एक्जाम पास करने के बाद उम्मीदवार का चयन आईएएस ऑफिसर में होता है जिसे इंडियन गवर्नमेंट पॉलिसी सही लागू करना तथा सुचारु रूप से बनाए रखने का उत्तरदायित्व होता है एक आईएएस पदाधिकारी को तीन प्रमोशन के पश्चात तथा कुछ साल का अनुभव के पश्चात इसका चयन कलेक्टर पदाधिकारी में हो जाता है।

कलेक्टर अधिकारी बनने के लिए सर्वप्रथम आईएएस अधिकारी बनना होता है जिसकी कुछ साल के अनुभव के पश्चात उम्मीदवार कलेक्टर बनता है सभी आईएएस अधिकारी कलेक्टर नहीं बनता कलेक्टर का उत्तरदायित्व 

कोई भि दंगा फसाद ना हो यह सुनिक्षित करना, एवं जिले कि लॉ एंड आर्डर को बनाये रखना।

FAQ’S:–

प्रश्न. एक जिले में कितने कलेक्टर होते हैं?

उत्तर- सरकार के नियम अनुसार एक जिले में एक ही कलेक्टर होते हैं जो सरकारी कानूनी व्यवस्था तथा जिला प्रशासन और व्यवस्था की देखभाल करता है।

प्रश्न. कलेक्टर की पावर कितनी होती है?

उत्तर- एक कलेक्टर के पास सिंचाई बकाया, आयकर बकाया, उत्पाद शुल्क को कलेक्ट करने का पावर होता है इसके अलावा एक जिले का जिम्मेवारी होता है।

प्रश्न.कलेक्टर से बड़ा पद कौन सा होता है?

उत्तर- कलेक्टर से बड़ा पद जिला कलेक्टर (DC) और जिला मजिस्ट्रेट (DM) का पद होता है जिला मजिस्ट्रेट के पास जेलों के प्रशासन अधिकारी एवं जिले में लॉक-अप होता है।

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